Gurudev Siyag Siddha Yoga (GSSY)

शंका समाधान

शक्तिपात दीक्षा कार्यक्रमों के दौरान साधकों की शंकाओं का सद्गुरुदेव द्वारा समाधान।

 साधक 1

साधक :  जागृति (कुडलिनी जागरण) कितने समय में हो जाएगी? 

गुरुदेव :  इसमें समय नहीं होता,  फेथ (विश्वास) होता है। विश्वास काम करता है। और गुरु बना रखे हैं क्या?

साधक : जी गुरुदेव, काशी में है, स्वामी जी।

गुरुदेव : देखो, नाम मैं जो बताता हूँ, वो जपोगे, तो ही फायदा होगा। 

साधक 2

साधक :  गुरुदेव, मैंने ध्यान के दौरान देखा कि आप ही भगवान् श्री कृष्ण हैं, इसका क्या मतलब हुआ?

गुरुदेव : (मुस्कुराते हुए) वो आप जानो।

साधक 3

साधक :   गुरुदेव ये मेरी पत्नी है, Russia (रूस) से है, ये चाहती है कि इनके घर-परिवार वालों पर भी आपकी कृपा हो, वो भी आपका ध्यान करें।

गुरुदेव : हाँ, जरूर ऐसा करो, मेरी किताब है अंग्रेजी में, Religious Revolution in the world (विश्व में धाार्मिक क्रांति) वो ले जाओ, मेरी C.D ले जाओ कंप्युटर में से, घरवालों को दिखाओ और रूस में भी सबको बताओ। और नाम जपो हर वक्त।

साधक 4

 साधक : गुरुदेव मेरी किडनी में   Problem ,  हर वक्त पेट में दर्द भी रहता है। डाॅक्टर ने कहा है, दोनों किडनियाँ खराब है। 

गुरुदेव : ठीक हो जाऐंगी, नाम जपो।

साधक 5

 साधक : गुरुदेव मैं काॅम्पीटिशन की तैयारी कर रहा हूँ। काॅम्पीटीशन में सफल होने के लिए क्या करूँ?

गुरुदेव : दीक्षा कार्यक्रम में आना, गुरुवार को वीरवार को तुमको ध्यान का तरीका बताऐंगें, उसको करोगे काॅम्पीटीशन में सफल हो जाओगे।

साधक 6

 साधक :  गुरुदेव, नाम जप में मुश्किल होती है।

गुरुदेव : नाम तो जपना ही पड़ेगा। मंजिल तक पहुँचने के लिये चलना तो आपको ही पडे़गा, मतलब उसका नाम (मंत्र) तो जपना ही पड़ेगा।

साधक 7

 साधक : गुरुदेव ध्यान नहीं लगता है।

गुरुदेव : नाम जप करो हर समय (Round the Clock ) तेल की धार की तरह, साइकिल की चैन की तरह ध्यान अपने आप लगेगा।

साधक 8

 साधक : गुरुदेव नाम जप नहीं होता, नाम नहीं जपा जाता है?

गुरुदेव : कोशिश करते रहो, कोशिश करने से सब कुछ संभव है।

साधक 9

 साधक :  गुरुदेव नाद सुनने लग गया है, नाद सुनें या नाम जपे?

गुरुदेव : नाद सुनो।

साधक :  गुरुदेव भीड़ में शोरगुल में नाद सुनाई नहीं देता है, उस समय क्या करें?

गुरुदेव :  हाँ, उस समय नाम जप करो। 

साधक : और, गुरुदेव, ध्यान के समय?

गुरुदेव :  ध्यान में नाद सुनो।

साधक 10

 साधक : गुरुदेव, तिल्ली लगातार बढ़ रही है, डाॅक्टर्स को भी दिखाया है, कोई फायदा नहीं हुआ?

गुरुदेव : नाम जपो, ठीक हो जाएगी।

साधक 11

 साधक :  मुझे एड्स है, (HIV Positive)

गुरुदेव : आपकी पत्नी को भी है क्या ?

साधक : जी हां गुरुदेव।

गुरुदेव : दोनों ही 15 मिनट ध्यान करो और हर समय नाम जपते रहो, ठीक हो जाओगे।

साधक 12

 साधक : गुरुदेव, अजपा व घंटी की आवाज दोनों साथ-साथ सुनाई देती है क्या करूं?

गुरुदेव :अजपा को सुनो।

साधक 13

 साधक : गुरुदेव, मैं और मेरे परिवार के सभी लोग आप का ध्यान कर रहे हैं। मैंने दो साल से देवी-पूजा व नवरात्रा करना बंद कर दिया हैं, कोई परेशानी तो नहीं हो जाएगी?

गुरुदेव : कोई परेशानी नहीं होगी। अब मैं आ गया हूँ, अब मेरा ध्यान करो। मैं दसवाँ अवतार हूँ, मैं कल्कि अवतार हूँ।

साधक 14

 साधक : गुरुदेव, 15 मिनट से ज्यादा ध्यान कर सकते हैं?

गुरुदेव : केवल 15 मिनट ही ध्यान करो और मंत्र हर समय जपो,(Round the Clock ) ध्यान आपको 15 मिनट ही करना है।  कुछ लोग देर तक बैठे रहते हैं, बाद में मुश्किल हो जाएगी।

साधक 15

 साधक : गुरुदेव बीपी की शिकायत है।

गुरुदेव : ध्यान करो, नाम जपो हर समय, ठीक हो जाएगा।

साधक 16

 साधक : गुरुदेव मेरे हृदय में छेद है।

गुरुदेव :  कितना समय हो गया?

साधक : साल भर पहले डाॅक्टर को दिखाया था, कहते हैं आॅपरेशन करवाना पडे़गा।

गुरुदेव : हार्ट का नहीं होता है, ठीक हो जाएगा, नाम जपो।

साधक 17

 साधक : गुरुदेव दोनों किडनियाँ खराब है, डाइलेसिस पर हूँ ।

गुरुदेव : कहाँ से आए हो?

साधक : उड़ीसा से।

गुरुदेव : ठीक हो जाएगी, नाम जपो। ‘‘दुनिया की उत्पत्ति जिस शब्द से हुई है, उसी शब्द में उसकी सभी समस्याओं का समाधान भी संभव है।’’

साधक 18

 साधक :  गुरुदेव, क्या नाद एक कान से सुनाई देता है?

गुरुदेव : हाँ, एक से भी और दोनों से भी ।

साधक 19

 साधक : ऐसा इस मंत्र में क्या है, और यह प्रकिया अन्य योग से कैसे भिन्न हैं।

गुरुदेव : कृष्ण नौंवे अवतार थे और मैं दसवा अवतार हूँ। मैं कल्कि अवतार हूँ, मेरी तस्वीर से ध्यान लगता हैं। राम और कृष्ण की फोटो से ध्यान नहीं लगता है।

साधक : महर्षि अरविंद ने अपनी किताब में वर्णन किया है कि मनुष्य की कोई योजना नहीं होनी चाहिए अपितु एक लक्ष्य होना चाहिए, रास्ते अपने आप बन जाते हैं।

गुरुदेव : बिल्कुल, उस किताब में मेरे अवतार की व्याख्या है और उसमें लिखा एक एक शब्द बिल्कुल सही है और मेरे लिए लिखा गया है। मैं कल्कि अवतार हूँ।

साधक 20

 साधक : दिन भर के काम और Busy Schedule की वजह से सघन नाम जप नहीं कर पाते हैं, ऐसे में अजपा कैसे हो?

गुरुदेव : कोई बात नहीं, सुबह जल्दी उठ कर ध्यान करें। जब मरीजो को देखते हो पूरा ध्यान उन पर ही दो।

साधक 21

 साधक : मुझे गायत्री हवन करना चाहिए  या नहीं?

गुरुदेव : गायत्री पूजा संन्यासियों के लिए हैं। गृहस्थ के लिए नहीं। मैंने भी गायत्री साधना कर रखी है पर उसने मुझे केवल निर्धनता दी। पर जब से राधा कृष्ण की दीक्षा ली है तब से मैं सम्पन्न हूँ। 

साधक 22

 साधक : गुरुदेव ये तामसिक शक्तियाँ, इस समय लोगों को बहुत परेशान कर रहीं है, ये नष्ट कब होंगी?

गुरुदेव : होंगी, जरूर होंगी इसमें थोड़ा समय लगेगा। महर्षि अरविंद ने कहा है – Iron age is ended  कलियुग पूरा खत्म हो गया है।

साधक 23

 साधक : क्या ये तामसिक शक्तियाँ पूरी तरह से नष्ट नहीं हो सकती ? ये आपको भी परेशान करती हैं?

गुरुदेव : बेटा ये तामसिक शक्तियाँ मेरे पास फटक भी नहीं सकती। ये मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इन तामसिक शक्तियों का अन्त होगा, मैं इसी लिए आया हूँ। ‘‘मैं मानवता में सतोगुण का उत्थान और तमोगुण का पतन करने अकेला ही निकल पड़ा हूँ, मुझ पर किसी भी जाति विशेष, धर्म विशेष या देश विशेष का एकाधिकार नहीं  है’’। मैं  दसवां अवतार, कल्कि अवतार हूँ और कल्कि अवतार के सभी Rights (अधिकार) मेरे पास हैं।

साधक : ध्यान करने के पश्चात् बहुत नींद आती है। और कई बार सो जाती हूँ।

गुरुदेव : वह निंद्रा नहीं, तंद्रा है, उस नींद में देखा गया स्वप्न हमेशा सच होता है।

साधक 24

 साधक : क्या आपका नाम ले कर मरीज का इलाज करें तो आप मेरे साथ खड़े होंगे?

गुरुदेव :  बिल्कुल, मेरा नाम लेकर  इलाज करो, मै हमेशा साथ रहूँगा। विज्ञान जल्दी चीजों को मानता नहीं। पर नाम जप और ध्यान से हजारों एड्स के मरीज ठीक हुए हैं।

साधक : कई ऐसे साधक है जो दवाई और नाम जप दोनों कर रहे हैं। उनको कब पता चलेगा कि अब वक्त आ गया है, मैं दवाई छोड़कर, केवल नाम जप और ध्यान के सहारे रह सकता हूँं?

गुरुदेव : इस नाम जप और ध्यान से मरीज अपना पूरा जीवन बिना कठिनाई के आराम से जीता है। उसकी मृत्यु बीमारी से नहीं होती।

साधक 25

 साधक : गुरुदेव मैंने गायत्री मंत्र की व अन्य तरह की आराधनाएँ भी की हैं, क्या मुझे उनका इस आराधना में लाभ मिलेगा ?

गुरुदेव : नहीं, उनका इस आराधना से कोई लिंक (संबंध) नहीं है। इस आराधना में आगे बढ़ाने की ड्यूटी मेरी है।

साधक 26

 साधक :  गुरुदेव अभी आप सशरीर हैं, हम आपसे अपनी समस्याओं पर प्रश्न पूछ सकते हैं, अपनी शंकाओं के समाधान के लिए बात कर सकते हैं, आपके शरीर छोड़ने के बाद हमारी शंकाओं का समाधान कैसे होगा?

गुरुदेव : देखो, मैं कल्कि अवतार हूँ, मेरी तस्वीर से ध्यान लगता है। मेरे जाने के बाद ‘‘मेरी तस्वीर’’ तो नहीं मरेगी? वह आपको जवाब देगी।

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