Gurudev Siyag Siddha Yoga (GSSY)

-ःअवतरण दिवसः-

(24 नवम्बर, 1926)

      समर्थ सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग का अवतरण (जन्म) 24 नवम्बर, 1926 को भारत के राजस्थान राज्य के उत्तर की तरफ स्थित बीकानेर जिले के पलाना ग्राम में हुआ।

सद्गुरुदेव सियाग के अवतरण के संबंध में महर्षि श्री अरविन्द घोष ने 1935 में कहा था-

      ‘‘24 नवम्बर 1926 को श्री कृष्ण का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। श्री कृष्ण अतिमानसिक प्रकाश नहीं है। श्री कृष्ण के अवतरण का अर्थ है अधिमानसिक देव का अवतरण, जो जगत् को अतिमानस और आनन्द के लिए तैयार करता है। श्री कृष्ण आनन्दमय हैं, वे अतिमानस और अपने आनन्द की ओर उद्बुद्ध (Inspire) करके विकास का समर्थन और संचालन करते है।’’

      महर्षि ने इस संदर्भ में कहा था कि मानव रूप में प्रकट हुई वह शक्ति अपने क्रमिक विकास के साथ अतिशीघ्र विश्व के सामने प्रकट हो जाएगी। इस भूमण्डल पर वह शक्ति अपना कार्य शुरू कर चुकी है। 

      जोधपुर आश्रम में प्रतिवर्ष 24 नवम्बर को सुबह से शाम तक सद्गुरुदेव को समर्पित, भव्य कार्यक्रम का आयोजन होता है। देश-विदेश से हजारों साधक इस दिन कार्यक्रम में भाग लेते हैं तथा लाखों साधक अपनी-अपनी सुविधानुसार अपने-अपने स्तर पर मंत्र जप व ध्यान कर, गुरुदेव की पूजा-अर्चना करते हैं। संस्था की सभी शाखाओं में भी यह कार्यक्रम श्रद्धा और समर्पण भाव से मनाया जाता है।

‘‘कल्कि’’ की एक मात्र तलवार सम्पूर्ण ‘‘पृथ्वी’’ की आसुरिक प्रवृत्ति को शुद्ध और पवित्र कर सकती है। – महर्षि श्री अरविन्द

सद्गुरुदेव सियाग का 93वाँ अवतरण दिवस श्रदा पूर्वक मनाया गया - 24 नवम्बर 2018

अध्यात्म विज्ञान सत्संग केन्द्र, जोधपुर

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